फत्तू अब चुनाव जीतकर फतेदिन कहलाते हैं कल जिन पर इक कौड़ी न थी आज करोड़ी कहलाते हैं
अनिल विज जैसा राजनेता बनना आज के युग में असंभव: अंबाला। (ज्योतिकण): आज सबसे ज्यादा अगर छवि देश में किसी की खराब हो चुकी है तो वह राजनेता हैं।
राजनीतिक आदमियों की छवि आम लोगों में भी अब खराब होती जा रही है और लोगों ने राजनेताओं के बारे में एक माइंड सेट बना लिया है कि जो एक बार एमएलए या मंत्री बन जाए वो अपनी सात पुश्तों के लिए जोड़ लेता है और लोगों की यह सोच गलत भी नहीं हैं।
मेरे पिता डॉ. राममूर्ति शर्मा ने वर्तमान राजनेताओं के लिए दो लाइनें लिखी ‘‘किस साइज के सूटकेस में कितना माल समा सकता है आज का नेता ही जनता को यह सब ठीक बता सकता है पहले इसमें होते थे कपड़े अब नोटों की बातें हैं फत्तू अब चुनाव जीतकर फतेदिन कहलाते हैं कल जिन पर इक कौड़ी न थी आज करोड़ी कहलाते हैं
लेकिन बीज नाश किसी चीज का नहीं हुआ अगर बुराइयों की कमी नहीं तो अच्छाई भी कहीं न कहीं अभी लुप्त नहीं हुई, खत्म नहीं हुई अगर जनता राजनेताओं के बारे में गलत धारणा बना चुकी है तो उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि भगवान ने भी हाथों की पांचों उंगलियां एक समान नहीं बनाई। आज अनिल विज जैसे नेता जो ईमानदारी का जीता जागता
उदाहरण हैं जो जीते और मरते जनता के लिए हैं, जो जनता को भगवान मानते हैं, जिनके लिए जनता की सेवा करना नारायण की सेवा करने के समान है आज पूरे देश की राजनीति में राजनेता बनना आसान है लेकिन अनिल विज जैसा बनना असंभव है जो राजनीति अपने या अपने परिवार के फायदे के लिए नहीं करते वह सांस भी लेते हैं तो उसके ऊपर भी जनता का अधिकार मानते हैं और अनिल विज खुद कहते सुने गए कि वह आज अगर जिंदा हैं तो लोगों की दुआओं के कारण जिंदा हैं। अगर देश की युवा पीढ़ी राजनीति में आना चाहती है तो उन नेताओं की तरफ देखकर पैर पीछे न करें जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं बल्कि अनिल विज जैसे नेताओं का विजन देखकर राजनीति में आएं जो अपनी टिकट भी मांगने या मंत्री बनने दिल्ली नहीं जाते।
अनिल विज एक संस्थान हैं जो अपनी काब्लियत के कारण जाना जाता है। अंबाला जिला के लिए गर्व की बात है कि अनिल विज जैसा सुरक्षा कवच अंबाला में बैठा है और यह भी गर्व की बात है कि 1966 के बाद अनिल विज पहले ऐसे विधायक हैं जो लगातार तीसरी बार कैबिनेट मंत्री हैं। अभिभावक अपने बच्चों को अगर रामायण, गीता पढ़ने का ज्ञान देते हैं
तो उन्हें अनिल विज जैसे व्यक्ति के कार्यों को भी अध्ययन करने के लिए बोलना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी को पता चले कि अगर राजनीति करनी भी है तो अनिल विज जैसी करनी है जो सिर्फ जनता के हितों व हकों की चौकीदारी करते हैं। अनिल विज जैसे बेदाग नेता ने आज हरियाणा सरकार की छवि को चार चांद लगाए हुए हैं।