मोदी ने पद छोड़ा तो अमित शाह ही होंगे विकल्प: नरेंद्र मोदी व अमित शाह का रिश्ता राजनीतिक नहीं है वह दोनों दो जिस्म हैं पर आत्मा एक है।
वह दोनों एक दूसरे को इशारे में समझा देते हैं अगला कदम क्या उठाना है। ऐसी जोड़ी सदियों में एकाध बनती है और सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों की दोस्ती इस गीत पर आधारित है ‘‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे, तोड़ेंगे दम मगर तेरा साथ न छोड़ेंगे’’ मोदी तो 2014 में ही अमित शाह को अपने साथ गृह मंत्री बनाना चाहते थे
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लेकिन मोदी नए प्रधानमंत्री थे उनका इतना आरएसएस पर दबाव नहीं था और 2019 में उन्होंने जो मन में था पूरा करते हुए अमित शाह को गृह मंत्री बनाया और उसके बाद एक के बाद एक राष्ट्रहित में अमित शाह फैसले ले रहे हैं।
देश में अटकलें हैं और पंडित भी भविष्यवाणी कर रहे हैं कि मोदी 2026 में पीएम पद खुद छोड़ देंगे। हालांकि यह बात अटकलें भी हो सकती है जबकि भविष्य के गर्भ में तो हैं ही लेकिन इन अटकलों में यह बात तय है कि मोदी जब भी अपना विकल्प किसी को बनाएंगे तो जहां से गिनती मोदी की शुरू होती है वहां से पहला स्थान अमित शाह का है और अमित शाह ही मोदी का विकल्प होंगे और मोदी भी अपना विकल्प अमित शाह को ही रखेंगे क्योंकि उन दोनों की जुगलबंदी एक ही है।