गृह मंत्री न होेने पर भी हरियाणा की जनता को अनिल विज से मिलता है इंसाफ

गृह मंत्री न होेने पर भी हरियाणा की जनता को अनिल विज से मिलता है इंसाफ: जब अनिल विज दुखियों, पीड़ितों को कहते हैं कि अनिल विज बैठा है, तुझे इंसाफ मिलेगा। तो पीड़ित का आधा दर्द अनिल विज हर लेते हैं

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अंबाला। (ज्योतिकण): कोई अनिल विज को गब्बर कहता है, कोई बाबा कहता है, कोई अडियल कहता है, कोई जिद्दी कहता है, कोई गुस्से वाला कहता है, आम व्यक्ति को इतने नामों से नहीं जाना जा सकता लेकिन ज्योतिकण की नजरों में अनिल विज एक संस्थान का नाम है।

अनिल विज पीड़ितों के लिए एक जस्टिस का नाम है, अनिल विज हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता के लिए संकट मोचक का नाम है, अनिल विज एक आम आदमी के लिए अपनी ही सरकार के अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई से पीछे नहीं हटते इसलिए अनिल विज के नाम का डंका बजता है। इसलिए हरियाणा की जनता अनिल विज को प्यार करती है इसलिए हरियाणा की जनता अनिल विज को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है।

फिलहाल आज का लेख अनिल विज को इसलिए समर्पित है क्योंकि वह वर्तमान में गृह मंत्री नहीं है लेकिन उसके बावजूद भी हरियाणा के कोने कोने से फरियादी उनके पास इंसाफ लेने पहुंचते हैं और बाबा वैसे ही उन्हें इंसाफ देते हैं जैसे गृह मंत्री होते देते थे। शायद अनिल विज हरियाणा की राजनीति में एक विशेष उदाहरण है जिनका जन्म दुखियों की सुनवाई के लिए हुआ है।

अनिल विज जिधर भी जाता है प्रशासन के कान तो खड़े होते ही है लेकिन उनके हजारों लाखों समर्थक उनकी झलक पाने के लिए पहुंच जाते हैं और जब अनिल विज दुखियों, पीड़ितों को कहते हैं कि अनिल विज बैठा है, तुझे इंसाफ मिलेगा।

तो पीड़ित का आधा दर्द अनिल विज हर लेते हैं। आज भी अनिल विज के निवास पर सैंकड़ों लोगों का तांता लगा रहा और उन्होंने लोगों की समस्याएं सुन उनका निवारण किया और संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए।